सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ के द्वारा बाल दिवस मनाया गया

बाल दिवस पर आज बच्चों के साथ खेल खेल में मनाया गया। इस बाल दिवस पर सभी बच्चों को विभिन्न खेलों को खेलने व समझने का अवसर दिया गया। #basketball #surgujadistrict #surgujabasketball #ChildrensDay #ChildrensDay2022

कार्फबाल प्रतियोगिता में सरगुजा जिला का शानदार प्रदर्शन

सरगुजा जिला कार्फबाल टीम

22 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता डोंगरगढ़ में कार्फबाल मिक्सड टीम में सरगुजा जोन विजेता बनी ।#congratulations #Korfball #KorfballSurguja #Korfball #devbalhara

2013 सरगुजा जिला गांधी स्टेडियम में बास्केटबाल ग्राउंड के लिए भुमिपुजन

आर प्रसन्ना (IAS ) 2013 के सरगुजा कलेक्टर के द्वारा गांधी स्टेडियम में बास्केटबाल निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान किया था। बास्केटबाल ग्राउंड का निर्माण ठेकेदार प्रकाश राय के द्वारा किया जायेगा।

तत्कालिन छत्तीसगढ़ गृहमंत्री राम विचार नेताम जी के द्वारा 29 अक्टूबर को गांधी स्टेडियम में बास्केटबाल ग्राउंड का निर्माण कार्य के भुमिपुजन पुजन किया गया।

गांधी स्टेडियम बास्केटबाल ग्राउंड निर्माण स्थल
गांधी स्टेडियम में बास्केटबाल ग्राउंड निर्माण स्थल पर गृह मंत्री श्री राम विचार नेताम जी के स्वागत में तत्कालीन कलेक्टर IAS आर प्रसन्ना सर
गांधी स्टेडियम में बास्केटबाल ग्राउंड निर्माण के लिए भुमिपुजन

29 अक्टूबर 2013 होली क्रास वुमन्स टीम व सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ टीम के बीच मैच

बहुत ही खुबसूरत यादें बास्केटबाल खेल का 2013 में सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ का प्रशिक्षण केन्द्र मल्टीपरपज स्कूल हुआ करता था।

2013 में सरगुजा जिला के बालिका टीम दमखम से बास्केटबाल खेला करती थी। इस वक्त राष्ट्रीय कोच राजेश प्रताप सिंह का शुरुआती दौर था।

2013 memories

22 राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता अम्बिकापूर प्रारंभ

22 राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता अम्बिकापूर में बास्केटबाल खेल का प्रांरभ डॉ केनेई (आई एफ एस ) और इन्टरनेशनल बास्केटबाल कोच के राजेश्वर राव के द्वारा किया गया।

होनहार बास्केटबॉल खिलाड़ी को रेलवे में मिली नौकरी सात नेशनल खेल चुकी हैं उर्वशी बघेल
सात नेशनल खेल चुकी उर्वशी अब रेलवे में करेगी नौकरी


होनहार बास्केटबॉल खिलाड़ी को रेलवे में मिली नौकरी. सात नेशनल खेल चुकी हैं उर्वशी बघेल
सात नेशनल खेलने वाली उर्वशी का रेलवे में चयन.

अम्बिकापुर. ज़िला बास्केटबॉल संघ की होनहार खिलाड़ी ने वो कर दिखाया है. जो हर खिलाड़ी की तमन्ना होती है. संघ में रेगुलर अभ्यास करने वाली एक खिलाड़ी का जॉब खेल कोटे से रेलवे में लग गया है. उसकी इस उपलब्धि से कोच राजेश प्रताप सिंह ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है. साथ ही ग्राउण्ड के अन्य खिलाड़ियों ने उर्वशी की इस उपलब्धि पर ख़ुशी ज़ाहिर की है.

अम्बिकापुर के स्टेडियम स्थित बॉस्केटबॉल ग्राउंड की होनहार खिलाड़ी उर्वशी नमूना कला पावर हाउस के पास रहती है. जिसने शुरुआत मे संघ के ग्राउण्ड में प्रशिक्षक राजेश प्रताप सिंह के निगरानी मे बास्केटबॉल के गुर सीखा. लेकिन अम्बिकापुर में अच्छा ग्राउण्ड और सुविधाए ना होने के कारण कोच ने उसकी खेल प्रतिभा को तराशने के लिए भिलाई भेजा था. उर्वशी 2013 से अम्बिकापुर स्थित बास्केटबॉल ग्राउण्ड में बास्केटबॉल का स्किल सीखने आई थी. लेकिन उसी दौरान उसके पिता का निधन होने के बाद उसने 2015 में एक बार फिर वापसी की. जिसके बाद उसने पीछे मुड़ कर नहीं देखा.

उर्वशी ने 2015 में ही बास्केटबॉल के सब जूनियर नेशनल टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ का नेतृत्व किया और गोल्ड मेडल प्राप्त किया. जिसके बाद 2016 में भी सब जूनियर खेलकर छत्तीसगढ़ के लिए गोल्ड मेडल हासिल किया. 2017 में यूथ नेशनल खेलकर चौथा स्थान प्राप्त किया. 2018 स्कूल नेशनल खेला . फिर 2019 फिर यूथ नेशनल और खेलो इंडिया खेलकर छत्तीसगढ़ का नेतृत्व किया. इसके बाद 2019 वूमेंस टीम इंडिया के लिए सलेक्ट हुई. लेकिन करोना के कारण कैंप रद्द हो गया. उर्वशी का सफ़र यहीं नहीं रूका उसने 2022 में बास्केटबॉल जूनियर नेशनल टूर्नामेंट खेलकर कांस्य पदक अर्जित किया. इसमें उर्वशी छत्तीसगढ़ टीम की कप्तान थी. इसी टूर्नामेंट के आधार पर उर्वशी बघेल का चयन बिलासपुर रेलवे ज़ोन में कर्मचारी के रूप में हुआ है.

उर्वशी रेलवे में जॉब शुरू करने के पहले अभी अम्बिकापुर में हैं और अपने साथियों को बास्केटबॉल के आधुनिक स्किल का अभ्यास करा रही हैं. कोच राजेश प्रताप सिंह और सात नेशनल खेलने वाली खिलाड़ी उर्वशी ने अम्बिकापुर में बास्केटबॉल के इंडोर स्टेडियम बनने पर ख़ुशी ज़ाहिर की है. उनका मानना है कि इंडोर ग्राउण्ड बनने से आदिवासी अंचल के और बेहतर खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा. और ऐसे ही सरकारी नौकरियों में स्थान बनाएगें.

इन्टरनेशनल बास्केटबाल कोच के. राजेश्वर राव बिदाई पर छत्तीसगढ़ में बास्केटबाल खेल का क्षति।

इन्टरनेशनल बास्केटबाल कोच के राजेश्वर राव मेरे एक अच्छे बड़े भाई के समान, खुबसूरत मित्र, पथप्रदर्शक सहयोगी के साथ ही साथ मेरे बास्केटबाल खेल के गुरू भी हैं।
बास्केटबाल खेल के द्रोणाचार्य के. राजेश्वर राव का इस तरह स्थानान्तरण हो जाना छत्तीसगढ़ बास्केटबाल खेल की अपूर्ण क्षति है
आपने जी तरह राजनादगांव को बास्केटबाल खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान मिला , साथ ही साथ आपकी कड़ी मेहनत व लगन से साईं सेन्टर राजनादगांव को राष्ट्रीय स्तर विशेष पहचान मिला । आपके बास्केटबाल प्रशिक्षण व नेतृत्व से छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचल ग्रामीण क्षेत्रों के आदिवासी बालिकाओं व नक्सल पीड़ित बालिकाओं को देश – विदेश में खेलने का अवसर मिला जिससे बास्केटबाल खेल के द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश का मान बढ़ा। आप के स्थानांतरण से सरगुजा जिला का स्पेशल टैलेंट सर्च प्रोग्राम को बहूत प्रभावित होगा। आपका यह स्थानांतरण आपके लिए तरक्की होगा पर छत्तीसगढ़ में बास्केटबाल खेल अस्त होगा। आपके कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन का कमी खलेगी। 🙏🙏🙏🙏
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सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ परिवार की ओर से आपको दिल्ली पोस्टींग होने पर बहुत बहूत बधाई

सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ का प्रारम्भ

*बास्केटबाल*
सरगुजा जिला में बास्केटबाल खेल का प्रचलन बहुत ही पुराना है। यह खेल सरगुजा जिला में निश्चित जगहों पर खेला जाता था। मुख्य तह बास्केटबाल खेल सरगुजा जिला अंतर्गत नवापारा में स्थित सेन्ट जेवियर्स स्कूल के प्रांगण में खेला जाता था, इसके अलावा पी. जी. कालेज  अम्बिकापूर में खेला जाता था।
     सरगुजा जिला के अन्तर्गत  के ब्लाक सीतापुर में खेला जाता था।

**सरगुजा जिला में बास्केटबाल खेल का मुख्य रुप से अस्तित्व 2003 से प्रारम्भ हुआ। 2003 राजेश प्रताप सिंह के द्वारा बास्केटबाल खेल का क्लब बनाया गया। क्लब गठन करने के लिए स्कूल व कालेजों के छात्रों से सम्पर्क करने का प्रयास किया जाने लगा, इस प्रयास में राजेश प्रताप सिंह जी के बड़े भाई धनेश प्रताप सिंह जी बहुत सहयोग किये। 1998 में पी. जी. काॅलेज के बास्केटबाल टीम के प्रचलित खिलाड़ी हुआ करते थे। उन्होंने अपने बास्केटबाल टीम के सदस्यों के साथ सरगुजा में बास्केटबाल क्लब बनाने में सभी का सहयोग रहा।

बास्केटबाल खेल में राजेश प्रताप सिंह जी रुझान उनके बड़े भाई के कारण हुआ, 1996 में बड़े भाई के द्वारा बास्केटबाल घर पर लाया गया। वह बास्केटबाल पहली बार राजेश प्रताप सिंह जी को देखते ही रोचकता बढ़ गया, तभी अपने बड़े भाई से बास्केटबाल खेल के बारे पुछने लगे। बास्केटबाल खेल के बारे उनके बड़े भाई के द्वारा बताया गया। उसके बाद राजेश प्रताप सिंह जी ने बास्केटबाल खेल का अभ्यास करना प्रारंभ किया, धीरे-धीरे बास्केटबाल का ड्रिबल व शुटिंग करना सिख गये।
     उसके बाद राजेश प्रताप सिंह अपने दोस्तों के साथ इस खेल के बारे बताया और दोस्तों के साथ बास्केटबाल टीम बनाने लगे। टीम बनाने से लेकर टीम को सिखाने का कार्य स्वयं राजेश प्रताप सिंह करते थे।
राजेश प्रताप सिंह स्कूल बास्केटबाल टीम के कप्तान बने सरगुजा संभाग के, राजेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में सरगुजा संभाग की टीम पहला राज्य स्तरीय भोपाल (मध्य प्रदेश) और दुसरा राज्य स्तरीय ग्वालियर (मध्य प्रदेश) खेले।
    राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि उन्की पढ़ाई मल्टीपरपज स्कूल अम्बिकापूर हुई, उस वक्त मल्टीपरपज स्कूल में बास्केटबाल ग्राउंड के नाम पर एक पोल वाली टुटा – फुटा लकड़ी का बोर्ड हुआ करता था।
        राजेश प्रताप सिंह जब इनकी टीम ग्वालियर से बास्केटबाल खेल कर लौटी तब मल्टीपरपज स्कूल के तत्कालिन प्राचार्य आनंद दासगुप्ता व साथ ही मल्टीपरपज स्कूल के व्यायाम शिक्षक स्वर्गीय शोमनाथ राय हुआ करते थे।
           राजेश प्रताप सिंह की बास्केटबाल टीम व व्यायाम शिक्षक के साथ प्राचार्य के पास एक बास्केटबाल ग्राउंड बनाने का मांग रखा गया। इसी वर्ष स्कूल की पढ़ाई समाप्त हो गई। उसके अगले वर्ष तत्कालीन प्राचार्य आनंद दासगुप्ता व व्यायाम शिक्षक स्वर्गीय शोमनाथ राय सर द्वारा मल्टीपरपज स्कूल में बास्केटबाल ग्राउंड का निर्माण किया गया।

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   सरगुजा जिला में बास्केटबाल कल्ब का गठन 2003 किया गया। सरगुजा जिला के पहली बार पुरुष बास्केटबाल टीम बाहय प्रतियोगिता(ओपन चैम्पियनशिप प्रतियोगिता) के लिए बना। सरगुजा जिला का पहला ओपन चैम्पियनशिप प्रतियोगिता रायगढ़ खेलने गई, इस प्रतियोगिता में सरगुजा जिला की टीम का अच्छा प्रदर्शन रहा।
   सरगुजा जिला बास्केटबाल कल्ब का अस्थाई तौर पर सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ का गठन किया गया। सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ का प्रशिक्षण केन्द्र मल्टीपरपज स्कूल को बनाया गया, इस प्रशिक्षण केन्द्र में बास्केटबाल खेल का कोचिंग राजेश प्रताप सिंह के द्वारा प्रशिक्षण दिया जाने लगा। इस प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ में 10-11 लड़कों के द्वारा किया गया। 2005 सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ का पंजीयन कराया गया। 2005 सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ पुर्ण रुप अस्तित्व में आया।
     इस प्रकार सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ का संचालन शुरू हुआ। 2005 में स्थानीय स्तर का बालकों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कैम्प लगाया गया।