सरगुजा जिला नेटबाल संघ के बालिकाओं ने जीता ब्रांउज मेडल

*3री राज्य स्तरीय जुनियर नेटबाल प्रतियोगिता में सरगुजा जिला के बालिकाओं ने बनाया तिसरा स्थान*

जांजगीर राज्य स्तरीय नेटबाल प्रतियोगिता

3री राज्य स्तरीय जुनियर नेटबाल प्रतियोगिता (बालक /बालिका) जांजगीर में 17 दिसम्बर से 19 दिसम्बर 2022 तक आयोजित था । इस प्रतियोगिता में सरगुजा जिला के जुनियर बालिका टीम तीसरा स्थान बनाते हुए ब्रांउज मेडल जीते। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के 12 बालक वर्ग और बालिका में 10 टीमों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में सरगुजा जिला से खुशबु गुप्ता, रागनी अगरिया,प्रज्ञा, साक्षी, सुलेखा, सानिया कश्यप, श्रृष्टि, स्नेहा, सोनल मडल, सानिया खान, विभा कुमारी, संसिता एक्का भाग लिये। यह सभी खिलाड़ी गांधी स्टेडियम में स्थित बास्केटबॉल ग्राउण्ड पर राष्ट्रीय कोच राजेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन पर अभ्यास करते हैं। आने वाले समय में सरगुजा जिला में नेटबाल का बड़े स्तर का आयोजन किया जाना है ।इसके सरगुजा जिला नेटबाल संघ बालक - बालिकाओं का चयन जल्द ही प्रारंभ किया जाना है।

6वी राष्ट्रीय सिनियर रोकबाॅल चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ महिला टीम को उपविजेता बनने पर सरगुजा जिला क्रिकेट संघ के द्वारा सभी खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स शूज दिया

. प्रेष विज्ञप्ति6वी राष्ट्रीय सिनियर रोकबाॅल चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ महिला टीम को उपविजेता बनने पर सरगुजा जिला क्रिकेट संघ के द्वारा सभी खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स शूज दिया


6वी राष्ट्रीय सिनियर रोकबाॅल चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ महिला टीम को उपविजेता बनने पर सरगुजा जिला क्रिकेट संघ के द्वारा सभी खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स शूज दिया
विगत तीन दिनों से चल रही 6वीं राष्ट्रीय सिनियर रोकबाॅल चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की महिला रोकबाॅल की टीम का शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में हरियाणा को हराकर फाइनल खेली। और फाइनल मैच में पंजाब को टक्कर देते हुए उपविजेता बनी। इस खेल प्रतिभा को देखते हुए सरगुजा जिला क्रिकेट संघ अध्यक्ष सोमेन्द्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री आदितेश्वर शरण सिंहदेव जी, एव त्रिशाला सिंहदेव जी के द्वारा छत्तीसगढ़ महिला रोकबाॅल टीम के सभी खिलाड़ी को स्पोर्ट्स शूज दिया गया।
सरगुजा जिला क्रिकेट संघ के सचिव विनित विशाल जायसवाल जी के द्वारा सभी खिलाड़ियों उपविजेता बनने पर बधाई दी और सभी खिलाड़ियों को संघ की ओर से मंच पर ही स्पोर्ट्स शूज वितरित किया। इस अवसर पर आयोजन समिति के संयोजक व राष्ट्रीय कोच राजेश प्रताप सिंह, ज्ञानेश्वर सिंह व छत्तीसगढ़ रोकबाॅल टीम के खिलाड़ी व सदस्य उपस्थित थे।

सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ के द्वारा बाल दिवस मनाया गया

बाल दिवस पर आज बच्चों के साथ खेल खेल में मनाया गया। इस बाल दिवस पर सभी बच्चों को विभिन्न खेलों को खेलने व समझने का अवसर दिया गया। #basketball #surgujadistrict #surgujabasketball #ChildrensDay #ChildrensDay2022

कार्फबाल प्रतियोगिता में सरगुजा जिला का शानदार प्रदर्शन

सरगुजा जिला कार्फबाल टीम

22 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता डोंगरगढ़ में कार्फबाल मिक्सड टीम में सरगुजा जोन विजेता बनी ।#congratulations #Korfball #KorfballSurguja #Korfball #devbalhara

2013 सरगुजा जिला गांधी स्टेडियम में बास्केटबाल ग्राउंड के लिए भुमिपुजन

आर प्रसन्ना (IAS ) 2013 के सरगुजा कलेक्टर के द्वारा गांधी स्टेडियम में बास्केटबाल निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान किया था। बास्केटबाल ग्राउंड का निर्माण ठेकेदार प्रकाश राय के द्वारा किया जायेगा।

तत्कालिन छत्तीसगढ़ गृहमंत्री राम विचार नेताम जी के द्वारा 29 अक्टूबर को गांधी स्टेडियम में बास्केटबाल ग्राउंड का निर्माण कार्य के भुमिपुजन पुजन किया गया।

गांधी स्टेडियम बास्केटबाल ग्राउंड निर्माण स्थल
गांधी स्टेडियम में बास्केटबाल ग्राउंड निर्माण स्थल पर गृह मंत्री श्री राम विचार नेताम जी के स्वागत में तत्कालीन कलेक्टर IAS आर प्रसन्ना सर
गांधी स्टेडियम में बास्केटबाल ग्राउंड निर्माण के लिए भुमिपुजन

29 अक्टूबर 2013 होली क्रास वुमन्स टीम व सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ टीम के बीच मैच

बहुत ही खुबसूरत यादें बास्केटबाल खेल का 2013 में सरगुजा जिला बास्केटबाल संघ का प्रशिक्षण केन्द्र मल्टीपरपज स्कूल हुआ करता था।

2013 में सरगुजा जिला के बालिका टीम दमखम से बास्केटबाल खेला करती थी। इस वक्त राष्ट्रीय कोच राजेश प्रताप सिंह का शुरुआती दौर था।

2013 memories

22 राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता अम्बिकापूर प्रारंभ

22 राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता अम्बिकापूर में बास्केटबाल खेल का प्रांरभ डॉ केनेई (आई एफ एस ) और इन्टरनेशनल बास्केटबाल कोच के राजेश्वर राव के द्वारा किया गया।

होनहार बास्केटबॉल खिलाड़ी को रेलवे में मिली नौकरी सात नेशनल खेल चुकी हैं उर्वशी बघेल
सात नेशनल खेल चुकी उर्वशी अब रेलवे में करेगी नौकरी


होनहार बास्केटबॉल खिलाड़ी को रेलवे में मिली नौकरी. सात नेशनल खेल चुकी हैं उर्वशी बघेल
सात नेशनल खेलने वाली उर्वशी का रेलवे में चयन.

अम्बिकापुर. ज़िला बास्केटबॉल संघ की होनहार खिलाड़ी ने वो कर दिखाया है. जो हर खिलाड़ी की तमन्ना होती है. संघ में रेगुलर अभ्यास करने वाली एक खिलाड़ी का जॉब खेल कोटे से रेलवे में लग गया है. उसकी इस उपलब्धि से कोच राजेश प्रताप सिंह ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है. साथ ही ग्राउण्ड के अन्य खिलाड़ियों ने उर्वशी की इस उपलब्धि पर ख़ुशी ज़ाहिर की है.

अम्बिकापुर के स्टेडियम स्थित बॉस्केटबॉल ग्राउंड की होनहार खिलाड़ी उर्वशी नमूना कला पावर हाउस के पास रहती है. जिसने शुरुआत मे संघ के ग्राउण्ड में प्रशिक्षक राजेश प्रताप सिंह के निगरानी मे बास्केटबॉल के गुर सीखा. लेकिन अम्बिकापुर में अच्छा ग्राउण्ड और सुविधाए ना होने के कारण कोच ने उसकी खेल प्रतिभा को तराशने के लिए भिलाई भेजा था. उर्वशी 2013 से अम्बिकापुर स्थित बास्केटबॉल ग्राउण्ड में बास्केटबॉल का स्किल सीखने आई थी. लेकिन उसी दौरान उसके पिता का निधन होने के बाद उसने 2015 में एक बार फिर वापसी की. जिसके बाद उसने पीछे मुड़ कर नहीं देखा.

उर्वशी ने 2015 में ही बास्केटबॉल के सब जूनियर नेशनल टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ का नेतृत्व किया और गोल्ड मेडल प्राप्त किया. जिसके बाद 2016 में भी सब जूनियर खेलकर छत्तीसगढ़ के लिए गोल्ड मेडल हासिल किया. 2017 में यूथ नेशनल खेलकर चौथा स्थान प्राप्त किया. 2018 स्कूल नेशनल खेला . फिर 2019 फिर यूथ नेशनल और खेलो इंडिया खेलकर छत्तीसगढ़ का नेतृत्व किया. इसके बाद 2019 वूमेंस टीम इंडिया के लिए सलेक्ट हुई. लेकिन करोना के कारण कैंप रद्द हो गया. उर्वशी का सफ़र यहीं नहीं रूका उसने 2022 में बास्केटबॉल जूनियर नेशनल टूर्नामेंट खेलकर कांस्य पदक अर्जित किया. इसमें उर्वशी छत्तीसगढ़ टीम की कप्तान थी. इसी टूर्नामेंट के आधार पर उर्वशी बघेल का चयन बिलासपुर रेलवे ज़ोन में कर्मचारी के रूप में हुआ है.

उर्वशी रेलवे में जॉब शुरू करने के पहले अभी अम्बिकापुर में हैं और अपने साथियों को बास्केटबॉल के आधुनिक स्किल का अभ्यास करा रही हैं. कोच राजेश प्रताप सिंह और सात नेशनल खेलने वाली खिलाड़ी उर्वशी ने अम्बिकापुर में बास्केटबॉल के इंडोर स्टेडियम बनने पर ख़ुशी ज़ाहिर की है. उनका मानना है कि इंडोर ग्राउण्ड बनने से आदिवासी अंचल के और बेहतर खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा. और ऐसे ही सरकारी नौकरियों में स्थान बनाएगें.